इस पहल के बारे में

एटैक्सिया-टेलैंजिएक्टसिया (ए-टी) एक वंशागत, तंत्रिकाअपह्रासी (न्यूरोडिजेनरेटिव) बीमारी है। ए-टी से पीड़ित बच्चा लगभग दो वर्ष की उम्र से मांसपेशीय नियंत्रण में लगातार कमी महसूस करने लगता है। नौ या दस वर्ष की आयु तक, ए-टी से पीड़ित बच्चे आमतौर पर व्हीलचेयर पर निर्भर हो जाते हैं और उनकी वाणी का उच्चारण अस्पष्ट हो जाता है। पढ़ना और निगलना भी मुश्किल हो जाता है। ए-टी से पीड़ित लगभग 30 प्रतिशत बच्चों में कैंसर विकसित हो जाता है, और उनमें से ज्यादातर, कुछ हद तक प्रतिरक्षा प्रणाली संबंधी समस्याओं से पीड़ित हो जाते हैं। यद्यपि ए-टी से पीड़ित लोगों के लक्षणों का प्रबंधन करके उनके जीवन को बढ़ाने के संबंध में प्रगति हुई है, लेकिन बीमारी निरंतर बनी हुई है।


ए-टी सभी को अलग तरीके से प्रभावित करता है

ए-टी से पीड़ित भाई बहनों में ए-टी से पीड़ित ऐसे बच्चों की तुलना में अधिक सदृश नैदानिक विशेषताएँ प्रतीत होती हैं जो एक समान उत्परिवर्तनों को वहन करते हैं परंतु भिन्न-भिन्न परिवारों से होते हैं। इसलिए वैज्ञानिकों का मानना है कि एक परिवार के जीन – ए-टी पैदा करने वाले के अलावा – रोगियों को ए-टी कैसे प्रभावित करता है, को बदल सकते हैं। इसके अलावा, यह संभव है कि अलग-अलग वातावरण में रहने, अलग-अलग जीवन शैली में जीवन जीने और अलग-अलग भोजन खाने से भी ए-टी से पीड़ित लोगों के स्वास्थ्य पर असर पड़ सकता है।

हमने हाल ही में कई ऐसे लोगों की पहचान की है, जिनके ए-टी जीन में प्ररूपी, बीमारी पैदा करने वाले उत्परिवर्तन हैं, और कोई ए-टी प्रोटीन नहीं बनाते हैं (ए-टी से पीड़ित अन्य लोगों की ही तरह), और फिर भी उनके ए-टी संबंधी लक्षण आश्चर्यजनक रूप से हल्के हैं। अब हमें उम्मीद है कि हम उन अन्य जीनों में ऐसे बदलाव ढूंढ पाएंगे, जो इन 'अत्यधिक-हल्के' लक्षण वाले रोगियों में ए-टी उत्परिवर्तनों को ठीक करते हैं या उनकी क्षतिपूर्ति करते हैं। यदि ऐसा है, तो शोधकर्ताओं को ए-टी से पीड़ित सभी लोगों की मदद करने के लिए संभवतः नए दवा उपचार मिल सकते हैं। लेकिन सर्वप्रथम, हमें ए-टी से पीड़ित यथासंभव लोगों का नैदानिक एवं आनुवंशिक डेटा इकट्ठा करने की आवश्यकता है।

इसी तरह, विभिन्न ए-टी रोगियों के चिकित्सकीय इतिहासों और जीवन शैलियों की तुलना करके, शोधकर्ता यह जान सकते हैं कि कौन सी लक्षण प्रबंधन रणनीतियां बेहतर स्वास्थ्य परिणाम उत्पन्न करती हैं। लेकिन सर्वप्रथम, हमें कई ए-टी रोगियों से डेटा प्राप्त करके एक स्थान पर मिलाने की आवश्यकता है।


ग्लोबल ए-टी फैमिली डेटा प्लेटफॉर्म

ग्लोबल ए-टी फैमिली डेटा प्लेटफॉर्म एक रोगी-संचालित प्रयास है, जिसकी देखरेख दुनिया भर में मौजूद ए-टी परिवारों एवं विशेषज्ञों द्वारा की जाती है, जिसके माध्यम से ए-टी से पीड़ित लोगों की स्वास्थ्य संबंधी जानकारी, उनके आनुवंशिक एवं संभावित अन्य प्रकार के डेटा को शोधकर्ताओं के साथ साझा किया जा सकता है। यह प्लेटफॉर्म शोधकर्ताओं को दुनिया भर से आए महत्वपूर्ण रोगी डेटा तक त्वरित, सुरक्षित एवं कुशल रूप से पहुँच बनाने में सक्षम बनाता है, जिससे नई खोजों में मदद मिलने की उम्मीद है।

यहां बताया गया है कि यह प्लेटफॉर्म कैसे काम करता है:

  • डेटा प्लेटफॉर्म में नामांकन करें

    "हमसे जुड़ें" पर क्लिक करें और अपने नाम और ईमेल पते के साथ एक खाता बनाएँ। जैसे ही आप अपना खाता बना लेते हैं, तो आप एक संक्षिप्त प्रपत्र भर कर स्वयं (यदि आपको ए-टी है) को या अपने ए-टी से पीड़ित बच्चे(च्चों) को हमारे डेटा प्लेटफॉर्म में प्रतिभागियों के रूप में पंजीकृत कर पाएंगे।


  • हमें अनुमति दें

    नामांकन प्रक्रिया के दौरान, हम आपसे आपके द्वारा प्रदान किए गए डेटा को पहचान-रहित ढंग से शोधकर्ताओं के साथ साझा करने की अनुमति देते हुए एक सहमति प्रपत्र पूर्ण करने के लिए कहेंगे। यदि आप ऐसा करना चुनते हैं तो आप हमें यह अनुमति भी दे सकते हैं कि:

    • उस लार के नमूने को साझा करें जो प्रत्येक ए-टी रोगी हमें जीनोम अनुक्रमण के लिए भेज सकता है
    • उनके चिकित्सकों से ए-टी रोगी के चिकित्सकीय अभिलेख प्राप्त करें और उन्हें शोधकर्ताओं के साथ साझा करें
    • उन चिकित्सकीय अभिलेखों को शोधकर्ताओं के साथ साझा करें, जो आपने स्वयं अपलोड किए हैं
    • फॉलो-अप शोध अध्ययनों के बारे में भविष्य में आपसे संपर्क करें

  • हमें अपने या अपने बच्चे के बारे में बताएं

    इस पहल में शामिल होने के लिए, आपको ए-टी से पीड़ित व्यक्ति के स्वास्थ्य, उसका उपचार करने वाले चिकित्सकों और उसके चिकित्सकीय एवं पारिवारिक इतिहास के बारे में कुछ प्रश्नों के उत्तर देने की आवश्यकता होगी। समय-समय पर, हम आपको ए-टी से पीड़ित व्यक्ति की चिकित्सकीय दशा के बारे में अतिरिक्त (वैकल्पिक) प्रश्नावलियाँ पूर्ण करने के लिए आमंत्रित करेंगे (शोधकर्ताओं द्वारा बनाए गए सर्वेक्षण, जो ए-टी से संबंधित अपनी समझ को बेहतर बनाने के लिए आपके डेटा का अध्ययन करेंगे)।


  • हमें एक लार किट भेजें

    यदि आप जीनोम अनुक्रमण अध्ययन में भाग लेने का विकल्प चुनते हैं, तो आप हमारे द्वारा प्रदान किए जाने वाले डाक-टिकट लगे हुए पैकेज में अपनी लार का एक नमूना भेजेंगे।


  • हम डीएनए और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी का विश्लेषण करेंगे

    हम लार के नमूने से प्राप्त कोशिकाओं से प्राप्त डीएनए का विश्लेषण करेंगे। किसी भी अतिरिक्त प्रक्रिया की आवश्यकता नहीं होगी। हम आपके लार के आनुवंशिक विश्लेषण के परिणामों को और आपके द्वारा ऑनलाइन प्रश्नावलियों में प्रदान की गई चिकित्सीय जानकारी के साथ संबद्ध करेंगे।


  • हम शोधकर्ताओं के साथ डेटा साझा करेंगे

    संभावित रूप से पहचान बताने वाली जानकारी हटाए जाने के बाद, स्वास्थ्य सूचना एवं जीनोमिक डेटा का यह डेटाबेस, सुरक्षित, अभिगम-नियंत्रित डेटा भंडार के माध्यम से दुनिया भर के शोधकर्ताओं को उपलब्ध कराया जाएगा। आपके डेटा तक पहुँच केवल उन योग्यताप्राप्त अन्वेषकों द्वारा ही बनाई जाएगी, जिन्हें ए-टी परिवार के सदस्यों के साथ-साथ वैज्ञानिक एवं चिकित्सा सलाहकारों से युक्त डेटा एक्सेस कमेटी द्वारा अनुमति दी गई है। हम आपकी जानकारी का उपयोग करने वाले प्रत्येक अध्ययन का ट्रैक रखेंगे।


  • आपकी निरंतर प्रतिपुष्टि शोध को तेज कर सकती है

    समय-समय पर, हम आपको उन शोधकर्ताओं द्वारा तैयार की गई प्रश्नावलियों का उत्तर देने के लिए आमंत्रित करेंगे, जो ए-टी को बेहतर ढंग से समझने के लिए डेटा का अध्ययन कर रहे हैं। इस प्लेटफॉर्म का उपयोग करके, हमारे पास सीधे ही परिवारों से महत्वपूर्ण फॉलो-अप शोध प्रश्नों के उत्तर तुरंत प्राप्त करने का अभूतपूर्व अवसर होगा। प्रतिभागियों के साथ फॉलो-अप करने की हमारी क्षमता शोध को काफी हद तक प्रभावित कर सकती है और नई खोजें करने का रास्ता छोटा कर सकती है।


  • इस मार्ग पर हमारे साथ जानें

    स्वास्थ्य एवं आनुवंशिक जानकारी का यह अद्वितीय संयोजन, चिकित्सा विकास में महत्वपूर्ण योगदान कर सकता है, जो आपकी सहायता के बिना संभव नहीं होगा। हम आपको हमारे प्रयासों की प्रास्थिति के बारे में अवगत कराना सुनिश्चित करेंगे और आपको आपकी भागीदारी की वजह से संभव हुई नवीनतम खोजों के बारे में सूचित करेंगे।